-मनुष्य और मत्स्यकन्या, कहानी संग्रह, प्रकाशक-शिल्पायन प्रकाशन, दिल्ली-25 फरवरी 2012, विश्व पुस्तक मेला, नयी दिल्ली -केदारनाथ सिंह की कविता का आलोक, आलोचना, प्रकाशक-प्रकाशन संस्थान, दिल्ली, 25 फरवरी 2012, विश्व पुस्तक मेला, नयी दिल्ली
वास्तविक नामः डॉ.हृदय नारायण सिंह। जन्म-1962, ग्राम-कम्हरियां, ज़िला-आज़मगढ़, उत्तर प्रदेश। शिक्षा-एमए-हिन्दी, कलकत्ता विश्वविद्यालय से पीएचडी। प्रकाशित पुस्तकें-कविता संग्रह-एक अदहन हमारे अन्दर, भग्न नीड़ के आर-पार, सरापता हूं, आवारा हवाओं के ख़िलाफ़ चुपचाप, वह हथेली, दी हुई नींद तथा खुशी ठहरती है कितनी देर। उपन्यास- अनचाहे दरवाज़े पर, कला बाज़ार तथा कहानी संग्रह-तीसरी बीवी। एक कहानी पर हिन्दी फिल्म बनने की प्रक्रिया शुरू। पत्र-पत्रिकाओं में आलोचनात्मक टिप्पणियां भी प्रकाशित। रचनाएं कई भारतीय भाषाओं व अंग्रेज़ी में अनूदित। भोजपुरी में भी लेखन। आकांक्षा संस्कृति सम्मान, कादम्बिनी लघुकथा पुरस्कार-2007, कौमी एकता अवार्ड व अम्बेडकर उत्कृष्ट पत्रकारिता सम्मान से समादृत। पेशे से पत्रकार। अमर उजाला, वेबदुनिया डाट काम, दैनिक जागरण के बाद सम्प्रति सन्मार्ग दैनिक में उप समाचार सम्पादक। पता-40 ए, ओल्ड कोलकाता रोड, पोस्ट-पातुलिया, टीटागढ़, कोलकाता-700119 फ़ोन-09830277656 ई मेल-abhigyat@gmail.com
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